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बच्चों में Migraine के लक्षण — बार-बार होने वाले सिरदर्द को नजरअंदाज मत करें
कभी-कभी बच्चे खेलते-खेलते अचानक सिर पकड़ लेते हैं या स्कूल से लौटते ही कहते हैं, “मम्मा, सिर बहुत दर्द कर रहा है।” हम अक्सर सोचते हैं कि शायद थकान होगी, धूप में ज्यादा समय बिताया होगा, या फिर बस स्कूल से बचने का बहाना है। हालाँकि, बार-बार होने वाला सिरदर्द सामान्य नहीं है।
कई मामलों में, यह माइग्रेन का संकेत हो सकता है। लोग अक्सर माइग्रेन को सिर्फ़ बड़ों में होने वाली समस्या मानते हैं, लेकिन असल में यह बच्चों में भी एक आम न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है। अगर इसका पता न चले और इलाज न हो, तो यह बच्चे की पढ़ाई, खेल-कूद और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल सकता है।
कई मामलों में, यह माइग्रेन का संकेत हो सकता है। लोग अक्सर माइग्रेन को सिर्फ़ बड़ों में होने वाली समस्या मानते हैं, लेकिन असल में यह बच्चों में भी एक आम न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है। अगर इसका पता न चले और इलाज न हो, तो यह बच्चे की पढ़ाई, खेल-कूद और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल सकता है।
क्या बच्चों को भी Migraine होता है?
बहुत से लोगों को लगता है कि Migraine सिर्फ बड़ों को होता है, लेकिन यह सच नहीं है। बच्चों और किशोरों में भी Migraine काफी आम है। बस, लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं, जिससे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
माइग्रेन एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें बार-बार सिरदर्द के दौरे पड़ते हैं। यह दर्द हल्के से लेकर गंभीर हो सकता है और कई बार इसके साथ उल्टी, चक्कर, रोशनी से परेशानी तथा व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।
माइग्रेन एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें बार-बार सिरदर्द के दौरे पड़ते हैं। यह दर्द हल्के से लेकर गंभीर हो सकता है और कई बार इसके साथ उल्टी, चक्कर, रोशनी से परेशानी तथा व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।
बच्चों में Migraine के लक्षण
1. तेज सिरदर्द
दर्द सिर के एक हिस्से में या पूरे सिर में हो सकता है। दौड़ने, सीढ़ियां चढ़ने या खेलने से दर्द और बढ़ सकता है। कभी-कभी बच्चा कहता है कि सिर के अंदर “धड़-धड़” जैसा महसूस होता है।
2. जी मिचलाना और उल्टी
सिरदर्द के साथ बार-बार मतली या उल्टी भी हो सकती है। कई बार उल्टी होने के बाद बच्चे को थोड़ी राहत महसूस होती है, और यही Migraine की एक खास पहचान है।
3. रोशनी और आवाज से तकलीफ
माइग्रेन के दौरान बच्चे तेज धूप, मोबाइल स्क्रीन, टीवी की रोशनी या तेज आवाज को सहन नहीं कर पाते। वे अक्सर अंधेरे और शांत कमरे में आराम करना पसंद करते हैं।
4. पेट दर्द — Abdominal Migraine
कुछ बच्चों में सिरदर्द की जगह बार-बार पेट दर्द और उल्टी होते हैं, जिसे Abdominal Migraine कहते हैं। कई माता-पिता इसे अन्य पेट की बीमारी समझ लेते हैं।
5. अचानक चिड़चिड़ापन या थकान
बच्चा बिना किसी खास वजह के अचानक थका हुआ या चिड़चिड़ा लग सकता है, यह भी Migraine का एक हिस्सा हो सकता है।
6. पढ़ाई में ध्यान न लगना
बार-बार सिरदर्द होने के कारण बच्चे का स्कूल का काम, ध्यान केंद्रित करना, और अन्य गतिविधियाँ सब प्रभावित होने लगती हैं।
बच्चों में माइग्रेन होने के मुख्य कारण
कोई एक कारण नहीं होता; आमतौर पर ये एक साथ मिलकर आते हैं:
घर में किसी को Migraine है (यह जीन संबंधी हो सकता है)
अगर माता-पिता में से किसी को भी माइग्रेन की समस्या है, तो बच्चे में भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
स्क्रीन के सामने ज़्यादा समय बिताना
मोबाइल फ़ोन, टैबलेट, लैपटॉप या टेलीविज़न के सामने बहुत ज़्यादा समय बिताने से माइग्रेन शुरू हो सकता है।
नींद की कमी
पर्याप्त नींद न मिलना या सोने-जागने का अनियमित रूटीन बच्चों में माइग्रेन की समस्या को बढ़ा सकता है।
तनाव और anxiety
स्कूल का दबाव, परीक्षा का तनाव या भावनात्मक परेशानी माइग्रेन के अटैक को बढ़ा सकती है।
खान-पान की खराब आदतें
लंबे समय तक भूखे रहना, डिहाइड्रेशन और जंक या प्रोसेस्ड फ़ूड का बहुत ज़्यादा सेवन भी माइग्रेन का कारण बन सकता है।
बच्चों में माइग्रेन के प्रकार
1. बिना ऑरा वाला माइग्रेन
सबसे सामान्य प्रकार| सिरदर्द शुरू होने से पहले कोई खास चेतावनी के संकेत नहीं होते।
2. ऑरा वाला माइग्रेन
सिरदर्द शुरू होने से कुछ मिनट पहले:
- चमकती रोशनी दिखना
- धुंधला दिखना
- हाथों और पैरों में झुनझुनी
3. एब्डॉमिनल माइग्रेन
– लगातार पेट दर्द
– जी मिचलाना और उल्टी
– सिरदर्द अक्सर हल्का होता है या नहीं होता
– जी मिचलाना और उल्टी
– सिरदर्द अक्सर हल्का होता है या नहीं होता
4. साइक्लिकल वोमिटिंग सिंड्रोम
– लगातार उल्टी के समय-समय पर होने वाले अटैक
– उल्टी के बीच बच्चे की सामान्य हालत
– उल्टी के बीच बच्चे की सामान्य हालत
डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं?
Migraine के लिए कोई एक निश्चित टेस्ट नहीं होता। डॉक्टर बच्चे का पूरा इतिहास सुनते हैं..,दर्द कब होता है, कितनी देर रहता है, कितनी बार होता है, और साथ में और कौन से लक्षण होते हैं।
अगर जरूरत पड़े तो न्यूरोलॉजिकल परीक्षा होती है। कुछ मामलों में MRI की सलाह भी दी जा सकती है, लेकिन ये हर बच्चे के लिए जरूरी नहीं होता।
बच्चों में माइग्रेन का इलाज कैसे किया जाता है?
बच्चों में माइग्रेन का इलाज उनकी उम्र और लक्षणों के आधार पर किया जाता है।
1. लाइफ़स्टाइल में सुधार हेल्दी आदतें अपनाने से कई बच्चों में माइग्रेन अटैक की फ़्रीक्वेंसी कम हो सकती है। इसके लिए ये उपाय महत्वपूर्ण हैं:
– नियमित और पर्याप्त नींद लें।
– दिन भर खूब पानी पिएं।
– समय पर खाना खाने की आदत डालें।
– स्क्रीन टाइम (मोबाइल फोन और टीवी) कम करें।
– रोज़ाना शारीरिक गतिविधियां करें।
– तनाव कम करने की कोशिश करें।
2. दौरे के दौरान इलाज
अगर दर्द हो, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ये दवाएं दी जा सकती हैं:
– पैरासिटामोल
– इबुप्रोफेन
डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कोई भी दवा नहीं देनी चाहिए।
3. बार-बार माइग्रेन होने पर
अगर Migraine हफ्ते में एक-दो बार से ज्यादा हो रहा है, तो बाल चिकित्सा न्यूरोलॉजिस्ट से मिलना जरूरी है। वे कुछ रोकथाम उपचार की सलाह दे सकते हैं।
1. लाइफ़स्टाइल में सुधार हेल्दी आदतें अपनाने से कई बच्चों में माइग्रेन अटैक की फ़्रीक्वेंसी कम हो सकती है। इसके लिए ये उपाय महत्वपूर्ण हैं:
– नियमित और पर्याप्त नींद लें।
– दिन भर खूब पानी पिएं।
– समय पर खाना खाने की आदत डालें।
– स्क्रीन टाइम (मोबाइल फोन और टीवी) कम करें।
– रोज़ाना शारीरिक गतिविधियां करें।
– तनाव कम करने की कोशिश करें।
2. दौरे के दौरान इलाज
अगर दर्द हो, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ये दवाएं दी जा सकती हैं:
– पैरासिटामोल
– इबुप्रोफेन
डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कोई भी दवा नहीं देनी चाहिए।
3. बार-बार माइग्रेन होने पर
अगर Migraine हफ्ते में एक-दो बार से ज्यादा हो रहा है, तो बाल चिकित्सा न्यूरोलॉजिस्ट से मिलना जरूरी है। वे कुछ रोकथाम उपचार की सलाह दे सकते हैं।
माइग्रेन डायरी क्यों जरूरी है?
अगर बच्चे को बार-बार Migraine हो रहा है, तो एक डायरी में निम्नलिखित बातें नोट करें:
- दर्द कब शुरू हुआ और कितनी देर तक रहा
- उस दिन बच्चे ने क्या खाया
- नींद कितनी हुई
- कोई असामान्य तनाव या ट्रिगर था या नहीं
बच्चे को माइग्रेन कैसे समझाएं?
बच्चे को डराने की जरूरत नहीं। प्यार से बताएं कि उसके सिर में एक खास तरह का दर्द होता है, जिसे Migraine कहा जाता है। यह उसकी गलती नहीं है। और सही देखभाल से वह बेहतर महसूस कर सकता है।
जब बच्चा समझता है कि क्या हो रहा है, तो वह खुद बोलने लगता है, “मम्मा, लग रहा है Migraine आने वाला है।” यह जल्दी चेतावनी माता-पिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
जब बच्चा समझता है कि क्या हो रहा है, तो वह खुद बोलने लगता है, “मम्मा, लग रहा है Migraine आने वाला है।” यह जल्दी चेतावनी माता-पिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?
अगर बच्चे का सिरदर्द उसकी पढ़ाई, खेल या रोजमर्रा के काम पर असर डाल रहा है, तो डॉक्टर से मिलें।
और अगर नीचे दिए गए में से कोई भी लक्षण हो, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर के पास जाएं:
और अगर नीचे दिए गए में से कोई भी लक्षण हो, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर के पास जाएं:
- अचानक बहुत तेज सिरदर्द जो पहले कभी नहीं हुआ हो
- बार-बार उल्टी रुक न रही हो
- बच्चा बेहोश हो जाए
- दौरे पड़ें
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आ जाए
- बोलने में परेशानी हो
- धुंधला दिखाई दे
- सिर पर चोट लगने के बाद सिरदर्द शुरू हुआ हो
- इन लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष
बच्चों का बार-बार सिरदर्द को “बस थकान है” कहकर टालना ठीक नहीं है। खासकर जब इसके साथ उल्टी, पेट दर्द, रोशनी से परेशानी या मूड में बदलाव भी हों।
Migraine को पूरी तरह खत्म करना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही जीवनशैली, ट्रिगर्स से बचना और डॉक्टर की सलाह से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
अगर आपके बच्चे को भी बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो किसी विशेषज्ञ से ज़रूर मिलें।
Migraine को पूरी तरह खत्म करना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही जीवनशैली, ट्रिगर्स से बचना और डॉक्टर की सलाह से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
अगर आपके बच्चे को भी बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो किसी विशेषज्ञ से ज़रूर मिलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चों में Migraine क्यों होता है?
आनुवंशिक कारण, तनाव, नींद की कमी, ज्यादा स्क्रीन टाइम, कम पानी पीना , इनमें से कोई एक या कई कारण मिलकर Migraine ट्रिगर कर सकते हैं।
क्या बच्चों को सच में Migraine हो सकता है?
हाँ, बिल्कुल। यह बच्चों और किशोरों में भी होता है।
Migraine और आम सिरदर्द में क्या फर्क है?
Migraine में दर्द के अलावा उल्टी, जी मिचलाना, रोशनी और आवाज से परेशानी होती है, जबकि आम सिरदर्द में ये लक्षण नहीं होते।
क्या ज्यादा मोबाइल चलाने से Migraine हो सकता है?
हाँ, लंबे समय तक स्क्रीन देखने से कुछ बच्चों में Migraine ट्रिगर हो सकता है।
क्या बच्चों का Migraine ठीक हो सकता है?
कई बच्चों में उम्र बढ़ने के साथ लक्षण कम हो जाते हैं। सही इलाज और जीवनशैली से इसे अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
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